विदेशी पर्यटकों के आने का जल्द शुरू होगा सिलसिला, विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर पर्यटन मंत्री ने दिए संकेत

नई दिल्ली, । देश में कोरोना संक्रमण के मामलों में लगातार हो रही गिरावट और वैक्सीनेशन के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए केंद्र सरकार जल्द ही विदेशी पर्यटकों की आवाजाही को शुरू करने की तैयारी में है। विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी ने इसके संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और उड्डयन मंत्रालय के साथ बातचीत लगातार चल रही है।साथ ही विदेशी दूतावासों के साथ भी वे संपर्क में हैं। उन्होंने पर्यटन उद्योग को भरोसा दिलाया कि जल्द ही इसको लेकर अहम फैसला लिया जाएगा।

रेड्डी ने कहा कि देश में वैक्सीनेशन की तेज रफ्तार से पर्यटन उद्योग में भरोसा बढ़ा है। उनमें फिर से पुरानी स्थिति में लौटने की उम्मीद जगी है। मौजूदा समय में वैक्सीन की करीब 85 करोड़ डोज लग चुकी है। इनमें पर्यटकों के आकर्षण के बड़े स्थलों में शामिल हिमालयी राज्यों में लगभग पूरी आबादी को वैक्सीन की एक डोज दी जा चुकी है।फिलहाल पर्यटन मंत्रालय ने जो संकेत दिए हैं, उनके मुताबिक अक्टूबर से देश को विदेशी पर्यटकों के लिए खोला जा सकता है। हालांकि इसके लिए वैक्सीन की दो डोज जरूरी होगी। रेड्डी के मुताबिक राज्यों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की जा रही है।

हाल ही में दक्षिण और पूर्वोत्तर के सभी राज्यों के पर्यटन मंत्री और इस उद्योग से जुड़े लोगों के साथ पर्यटन को फिर से पटरी पर लाने को लेकर उन्होंने चर्चा की है।यह पहल इसलिए भी तेज की गई है, क्योंकि अक्टूबर से मार्च तक देश में विदेशी पर्यटकों की आवाजाही सबसे ज्यादा रहती है। ऐसे में पर्यटन उद्योग भी इसका फायदा उठाना चाहता है। विदेशी पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए हाल ही में पीएम ने पांच लाख विदेशी पर्यटकों को मुफ्त में ई-वीजा देने का एलान भी किया है। इस कदम को विदेशी पर्यटकों की आवाजाही शुरू करने से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि कोरोना की दस्तक से पहले वर्ष 2019 में देश में 3.14 करोड़ विदेशी पर्यटक आए थे।विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर पर्यटन मंत्रालय की ओर से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। साथ ही कहा कि देश में बहुत सारे ऐसे पर्यटन स्थल हैं, जो बेहद खूबसूरत हैं। लेकिन पर्यटकों को उनके बारे में जानकारी नहीं है। ऐसे में इन पर्यटन स्थलों को देश के पर्यटन मानचित्र पर लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्था पर्यटन पर ही टिकी है। पर्यटन उद्योग वहां की अर्थव्यवस्था में 50 फीसद तक का योगदान करते हैं। भारत को भी इस दिशा में आगे बढ़कर काम करना चाहिए। 

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