पूर्वांचल के तीन युवक अफगानिस्तान में फंसे,घर लौटे तो छलके खुशी के आंसू बयां किया तालिबान का भयावह मंजर

वाराणसी, । रविवार को भारतीय वायुसेना के मालवाहक विमान सी-17 ग्लोबमास्टर से गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पहुंचे 168 भारतीयों में जौनपुर के मयंक सिंह, आजमगढ़ के धर्मेंद्र चौहान और चंदौली के सूरज चौहान भी थे। सोमवार को अपने-अपने घर पहुंच गए। हालांकि अफगानिस्तान का उनका अनुभव दिल दहलाने वाला है। उन्होंने बताया कि वहां के हालात बहुत खराब हैं और सभी अफगानिस्तान छोड़ देना चाहते हैं। हमारे विमान ने जैसे ही काबुल की जमीन को छोड़ा, लगा जैसे दूसरा जीवन मिल गया है। तीनों ही काबुल में एक स्टील कंपनी में काम करते थे।केंद्र सरकार के प्रयास से अफगानिस्तान में फंसे भारतीय स्वदेश पहुंच रहे हैं।

बहन ने राखी बांधी तो दोगुनी हो गई खुशी : जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र के गोधना गांव निवासी मयंक सिंह के लिए यह पल तब और भी खास हो गया जब बहन ने राखी बांधी। स्टील कंपनी में महाप्रबंधक मयंक के साथ 19 भारतीय कर्मचारी भी लौटे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद देते हुए मयंक ने बताया कि भारतीय दूतावास की टीम ने वीआइपी गेट से सभी भारतीयों को काबुल एयरपोर्ट में प्रवेश कराया। गेट पर अमेरिकन सैनिक भी तैनात थे।

तालिबानी बसों को कर लिए थे हाइजैक : मयंक ने बताया कि शनिवार को कंपनी से 19 लोग बस से एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए। अन्य चार बसों में सवार 168 भारतीयों को एयरपोर्ट से एक किलोमीटर पहले ही तालिबानी आतंकियों ने हाइजैक कर लिया। सभी को तीन किलोमीटर दूर निर्माणाधीन कंपनी की इमारत में ले गए। बसों के आगे व पीछे हथियारों से लैस आतंकी चल रहे थे। दो घंटे तक अपनी कस्टडी में रखने के बाद आतंकियों ने सभी का रजिस्टर में एंट्री करने के बाद एयरपोर्ट जाने के लिए छोड़ दिया।

डर गए कि कहीं अपहरण न हो जाए: आजमगढ़ के नरावं गांव निवासी धर्मेंद्र चौहान ने बताया कि एयरपोर्ट पर काफी भीड़ थी और गेट बंद था। हमसे बस में ही इंतजार करने को कहा गया। अगले दिन शनिवार को दिन में 11 बजे तालिबानी पहुंचे और हमारा पासपोर्ट लेकर नाम, पता आदि नोट करने लगे। हम डर गए थे कि कहीं अपहरण न हो जाए। मगर हमें होटल में ठहराया गया और खाने में सब्जी, रोटी, चावल दिया। इसके बाद काबुल एयरपोर्ट ले गए और बाईपास गेट से रात लगभग 12 बजे अंदर प्रवेश कराया। धर्मेंद्र की मां मुलरी देवी व पत्नी आशा देवी उनके सुरक्षित लौट आने से बेहद खुश हैं।

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