संसद का मानसून सत्र समय से पहले खत्म हो सकता है,पेगासस जासूसी कांड

नई दिल्ली। सरकार मानसून सत्र को समय से पूर्व खत्म करने के विकल्प पर विचार कर रही है। इस मुद्दे पर विपक्ष की एकजुटता और बहस की अपनी मांग से पीछे नहीं हटने के चलते दोनों सदनों में सियासी घमासान थमने के आसार नजर नहीं आ रहे।पेगासस जासूसी कांड पर विपक्ष के साथ संसद में दो हफ्ते से चल रहे टकराव को देखते हुए इसलिए सरकार ने भी बीते चार दिनों के दौरान हंगामे में ही आठ विधेयकों को बिना चर्चा के पारित करा अपने विधायी एजेंडे को पूरा करने की दिशा में कदम तेज कर दिए हैं। वहीं संसद सत्र समाप्त करने की योजना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर संसद से भागने का आरोप लगाया है। सत्र खत्म करने के प्रस्ताव का विरोध करने का भी एलान किया है।

जासूसी कांड के खिलाफ विपक्ष के हंगामे से बढ़े टकराव के मद्देनजर सरकार कर रही विचार

जासूसी कांड को लेकर विपक्ष की आक्रामकता को देखते हुए टकराव का हल निकलने की उम्मीद कमजोर पड़ने लगी है। इसे देखते हुए सत्र को जल्द समाप्त किए जाने की आशंका से सत्तापक्ष के रणनीतिकार इन्कार नहीं कर रहे हैं। सत्तापक्ष जासूसी कांड पर दोनों सदनों में संग्राम को विपक्ष का राजनीतिक एजेंडा बताते हुए इस पर बहस को जरूरी नहीं मान रहा है। उसका कहना है कि सत्र में जनता से जुड़े दूसरे जरूरी मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।ममता बनर्जी के दिल्ली आने के अगले ही दिन जासूसी कांड पर विपक्ष की गोलबंदी जिस तरह मजबूत हुई और सदन में घमासान तेज हुआ उसे देखते हुए सरकार ने लोकसभा में पांच अहम विधेयकों को पिछले चार दिनों में पारित करा लिया। इसमें वित्तीय अनुपूरक मांगों के अलावा दिवालिया संशोधन, फैक्ट्री रेगुलेशन संशोधन और पोत परिवहन विधेयक जैसे जरूरी बिल हैं। इसी तरह राज्यसभा में भी सरकार ने तीन विधेयकों को पारित करा लिया है।

मानसून सत्र खत्म करने की सरकार की योजना पर विपक्ष की ओर से कड़ा एतराज जताते हुए कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि सरकार जासूसी की सच्चाई छिपाना चाहती है। सत्र खत्म करने के प्रस्ताव का विपक्ष कड़ा विरोध करेगा, क्योंकि पेगासस पर चर्चा न हो,

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