खनन घोटाले में पूर्व आइएएस अधिकारी पर सीबीआइ ने कसा शिकंजा,

नई दिल्ली राजनीति संदेश (रुद्रांश पान्डेय) । उत्तर प्रदेश में खनन माफिया घोटाले के आरोपी पूर्व आइएएस अधिकारी सत्येंद्र सिंह के यहां सीबीआइ के छापे में साढ़े चार करोड़ रुपये के जेवरात बरामद किए गए हैं। सत्येंद्र सिंह पर कौशांबी में जिलाधिकारी रहते हुए खनन माफिया को नाजायज फायदा पहुंचाने का आरोप है। सीबीआइ उनके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर जांच कर रही है।

पूर्व आइएएस अधिकारी सत्येंद्र सिंह ने जेवरात छह बैंक लॉकरों में रखे थे, जेवरात जब्त

सूत्रों के अनुसार, सत्येंद्र सिंह ने ये जेवरात छह बैंक लॉकरों में रखे हुए थे। इस महीने की शुरुआत में मारे गए छापे में इन लॉकरों का पता चला था। ये जेवरात जब्त कर लिए गए हैं। ये लॉकर सत्येंद्र सिंह, उनकी पत्नी मीता और बेटी जयंती के नाम थे।

सत्येंद्र सिंह, उनकी पत्नी व बेटी के अलग-अलग बैंकों की छह लॉकरों में रखे थे जेवर

चार लॉकर सत्येंद्र और उनकी पत्नी के संयुक्त नाम से, एक लॉकर पत्नी और एक लॉकर पत्नी और बेटी के संयुक्त नाम से थे। ये लॉकर अलग-अलग बैंकों की अलग-अलग ब्रांच और अलग-अलग शहरों में लिए गए थे। लखनऊ में चार लॉकर, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की विपुल खंड, गोमती नगर और अशोक मार्ग शाखा, बैंक ऑफ बड़ौदा की गोमती नगर और इंद्रानगर शाखा और पंजाब और सिंध बैंक में थे। इसके अलावा दिल्ली के कालकाजी में एचडीएफसी बैंक और आगरा के दिल्ली गेट पर स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा में एक-एक लॉकर था।

सीबीआइ छापे के दौरान लॉकर्स में 4.48 करोड़ के जेवर मिले, 

दरअसल दो फरवरी को छापे के दौरान सीबीआइ ने कुछ लॉकर खोले थे। उनमें से 2.11 करोड़ रुपये के जेवर मिले थे। बाद में अन्य लॉकर की तलाश में 2.37 करोड़ रुपये के जेवर मिले।

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