चीन के लिए तकनीक चुराने वाले लोग, शोध संस्थाओं से :अमेरिका

वाशिंगटन, राजनीति संदेश। अमेरिका में प्रमुख शैक्षणिक संस्थाओं से जुड़े आधा दर्जन लोगों की गिरफ्तारी ने वहां की सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। गिरफ्तार किए गए सभी लोग चीन की शोध संस्थाओं के संपर्क में थे और अमेरिका में ये तकनीक चुराने की कोशिश में संलिप्त थे। यह जानकारी रियल क्लियर इन्वेस्टीगेशंस ने दी है।

अमेरिका की राजनीतिक खबरों की वेबसाइट रियल क्लियर पॉलिटिक्स की इस शाखा के अनुसार चीन की तकनीक चुराने की कोशिश उसके एशिया में अमेरिकी प्रभाव को कम करने का हिस्सा है। चीन विज्ञान और तकनीक में भी दुनिया का नंबर एक बनना चाहता है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के रसायन विज्ञान विभाग के प्रमुख चा‌र्ल्स लीबर के अनुसार चीन ने अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए वैज्ञानिकों और इंजीनियरों को पूरी दुनिया में नियुक्त कर रखा है। ये वैज्ञानिक और इंजीनियर चीनी संस्थाओं से संपर्क में रहते हुए अन्य देशों के शोध संस्थाओं में कार्य करते हैं। साथ ही जरूरी सूचनाओं और तकनीक को चीन पहुंचाते रहते हैं। चीन दुनिया का सुपर पावर बनने के लिए यह सब कर रहा है।

न्यू अमेरिकन सिक्युरिटी नाम की संस्था से जुड़ीं एल्सा कानिया के अनुसार गिरफ्तार किए लोगों से पूछताछ में पता चलेगा कि उन्होंने कौन सी तकनीक चीन पहुंचाई और इस कार्य के लिए कौन सा तरीका अपनाया। एफबीआइ ने पूरे अमेरिका में सैकड़ों मामलों की जांच शुरू कर दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग तकनीक की चोरी, वीजा मामलों में धोखाधड़ी, साइबर जासूसी और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं।

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