कच्छ से गिरफ्तार आईएसआई एजेंट राजाभाई कुंभार का यूपी कनेक्शन

लखनऊ, राजनीति संदेश [अनूप जी प्रधान] ।उत्तर प्रदेश के बलरामपुर के अबु युसूफ उर्फ मुस्कीम की गिरफ्तारी के बाद से हाई अलर्ट पर रहने वाली राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को सोमवार को बड़ी सफलता मिली है। एनआइए ने गुजरात के कच्छ से आइएसआइ एजेंट रजाक कुंभार उर्फ राजाभाई कुंभार को गिरफ्तार किया है। उसके बारे में जानकारी जनवरी 2020 में प्रदेश के वाराणसी से पकड़े गए चंदौली निवासी आइएसआइ एजेंट से मिली थी।नेशनल इन्वेस्टीगेटिव एजेंसी एनआईए ने कच्छ के मुंद्रा से पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई एजेंट रजाक कुंभार को गिरफ्तार किया है। दो दिन पहले उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। पेटीएम से धन के हस्तांतरण के बाद से वह रडार में था।

गुजरात के सीमावर्ती इलाके कच्छ से एनआईए पहले ही दो पाकिस्तानी एजेंट की गिरफ्तारी कर चुकी थी, उन्हीं के साथ एनआईए ने मुंद्रा डॉकयार्ड में काम करने वाले रजाक कुंभार को भी पुछताछ के लिए हिरासत में लिया था। जांच एजेंसी को उसके खाते में पेटीएम से पांच हजार रुपए के अवैध धन के हस्तांतरण का पता चलने के बाद से वह जांच एजेंसी की राडार में था।एनआईए इससे पहले उत्तर प्रदेश के मौहम्मद राशिद व उसके साथी की धरपकड़ कर चुकी है। ये पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के एजेंट के रूप में काम करते हुए भारत की रक्षा व सैन्य संबंधी गुप्त जानकारियों उन तक पहुंचाते थे।

गुजरात के कच्छ में पकड़ा गया आईएसआई एजेंट राजाभाई मुंद्रा डॉकयार्ड में एक सुपरवाइजर है। उसके खिलाफ पर यूपी एटीएस ने लखनऊ के गोमती नगर थाने में जनवरी 2020 में एफआईआर दर्ज की थी। जिसके बाद ही आईएसआई एजेंट चंदौली के मुगलसराय निवासी रशीद पुत्र इदरीश को गिरफ्तार किया गया था।पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में जनवरी 2020 में पुलिस की गिरफ्त में आए आइएसआइ एजेंट राशिद पर देश की शीर्ष से सुरक्षा एजेंसियों ने लगातार शिकंजा कस रखा था। इसी कारण आज एनआइए को बड़ी सफलता मिली है। आईएसआई एजेंट राशिद के बाद अब कच्छ से पकड़े गए राजाभाई कुंभार के मोबाइल से पाकिस्तान भेजे गए सेना सम्बंधित साक्ष्य मिले हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुजरात के पश्चिमी कच्छ से आईएसआई एजेंट राजाभाई कुंभार को गिरफ्तार किया है।

राशिद से की गई पूछताछ के बाद में पता चला है कि आरोपी राजाभाई कुंभार ने आईएसआई एजेंट के रूप में काम किया और एक रिजवान के खाते में पेटीएम के माध्यम से पांच हजार रुपए भेजे गए थे। जिसे मुख्य आरोपी वाराणसी से पकड़े गए राशिद को सौंप दिया गया। यह राशि रशीद ने राजाभाई कुंभार को आईएसआई संचालकों के एजेंटों को दी गई सूचना के एवज में आईएसआई के संचालकों के निर्देश पर दी थी। राशिद की पूछताछ के बाद पकड़े गए राजाभाई कुंभार के घर पर तलाशी ली गई और कई गुप्त दस्तावेज जब्त किए गए। मामले में आगे की जांच जारी है। इस मामले में एनआईए जांच कर रही है।

उत्तर प्रदेश एटीएस और मिलिट्री अभिसूचना इकाई ने इसी वर्ष 19 जनवरी को वाराणसी से आईएसआई एजेंट राशिद अहमद को गिरफ्तार किया था। चंदौली के रहने वाले राशिद सेना के अलावा सीआरपीएफ के ठिकानों की महत्वपूर्ण सूचनाएं आईएसआई को भेजता था। राशिद से पूछताछ में उसने राजाभाई के बारे में बताया था। इसके बाद दो दिन पहले एनआईए ने राजाभाई के घर छापेमारी की थी। इस दौरान तमाम अहम दस्तावेज बरामद हुए थे। यह भी पता चला कि राशिद को पैसे राजाभाई के जरिए पहुंचे थे।

एटीएस व एनआईए की जांच में यह पता चला कि आईएसआई एजेंट रशीद पाकिस्तान के रक्षा/आईएसआई संचालकों के संपर्क में था और दो बार पाकिस्तान जा चुका था। उन्होंने भारत में कुछ संवेदनशील और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की तस्वीरें भेजी थीं और पाकिस्तान में आईएसआई के संचालकों के साथ सशस्त्र बलों के आंदोलन के बारे में भी जानकारी साझा की थी।दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एनकाउंटर के बाद इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के एक आतंकी को गिरफ्तार किया। पुलिस और आतंकी के बीच कई राउंड फायरिंग हुई थी। आतंकी के पास आईईडी विस्फोटक भी मिला है, उसे निष्क्रिय किया जा रहा है। पकड़े गए आतंकी का नाम अबू यूसुफ खान है। 

Posted By: ANOOP JI PRADHANA

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